दिल्ली चुनावों से पहले 'पंच परमेश्वर' से मिलेंगे अमित शाह, भाजपा बना रही है 2030 का 'रोडमैप'
खास बातें
- केंद्र की योजनाओं से पार्टी को फायदे की उम्मीद, मुफ्त की घोषणाओं की भी हो सकती है घोषणा
- चुनाव के पहले कुछ कालोनियों में पक्के मकान बनवाकर लोगों के सामने 'आदर्श' की तरह पेश कर सकती है पार्टी
दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा अगली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर अपना घोषणा पत्र तैयार कर रही है। पार्टी के मैनीफेस्टो में राजधानी के पर्यावरण, प्रदूषण, पानी, स्वास्थ्य जैसे मुद्दे अहम होंगे। महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दे घोषणा पत्र में प्रमुखता से उठाए जाएंगे। इसमें आम आदमी पार्टी की मुफ्त की सेवाओं से टक्कर लेने के लिए ज्यादा लुभावनी योजनाएं भी पेश की जा सकती हैं। सबसे अहम बात मैनीफेस्टो में दिल्ली की अगली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए योजनाएं पेश की जाएंगी।
दिल्ली का 2030 का 'रोडमैप'
इन घोषणाओं में 2030 तक दिल्ली की संभावित आबादी को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल-कालेज और परिवहन व्यवस्था का विकल्प शामिल होगा। घोषणा पत्र में जलस्रोतों को पुनर्स्थापित करने के साथ प्रदूषण से निपटने के अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपायों की रुपरेखा भी पेश की जा सकती है। इस संदर्भ में यमुना की सफाई गंगा की तर्ज पर करने का वायदा भी शामिल होगा। कई मायनों में यह दिल्ली का 2030 का रोडमैप भी कहा जा सकता है।
घोषणा पत्र तैयार करने के लिए पार्टी ने एक कमेटी का गठन कर दिया है जो इसी माह के अंत में अपनी योजना पार्टी की प्रदेश इकाई के सामने पेश कर देगी। इसके बाद इसे पार्टी की केंद्रीय इकाई के सामने पेश किया जाएगा। केंद्रीय इकाई के सुझाए गए विकल्पों के साथ चुनाव की तिथियों के हिसाब से इसे मतदाताओं के सामने पेश किया जा सकता है।
केंद्र की योजनाएं बड़ी ताकत
घोषणा पत्र की रुपरेखा के सवाल पर पार्टी के उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने बताया कि राजधानी के प्रमुख मुद्दों की पहचान कर घोषणा पत्र को अंतिम रुप दिया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि हम दिल्ली के दूरगामी भविष्य को ध्यान में रखकर अपना घोषणा पत्र पेश करेंगे। इसमें महिलाओं, व्यापारियों, युवाओं और कच्ची कालोनियों में रहने वाले लोगों से जुड़े मुद्दे अहम होंगे। श्याम जाजू ने कहा कि केंद्र की तरफ से चलाई जा रहीं जनहित की योजनाएं विधानसभा चुनाव में उनकी बड़ी ताकत होंगी, लेकिन दिल्ली के भविष्य को ध्यान में रखकर ही हम इन पर कोई अंतिम फैसला लेंगे।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की होंगी सभाएं
दरअसल, भाजपा केंद्र सरकार की योजनाओं को अपने विजन का आधार बनाकर पेश करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। कच्ची कालोनियों को पक्का करने की योजना आगे बढ़ाई जा चुकी है। राजधानी के जिन क्षेत्रों पर दिल्ली सरकार का अधिकार नहीं है, उन क्षेत्रों में डीडीए के जरिए 'जहां झुग्गी, वहीं मकान' बनाने की योजना इसी माह में शुरु की जा सकती है। इससे जनता के बीच योजनाओं को लेकर विश्वसनीयता आएगी।
22 दिसंबर को पीएम की बड़ी रैली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। इसके अलावा 29 दिसंबर को पार्टी के अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन 'पंच परमेश्वर' को संबोधित करेंगे। यह दिल्ली के हर बूथ पर बीजेपी के पांच विशेष कार्यकर्ताओं का एक मंडल है, जिसके ऊपर बूथ को जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इन दोनों रैलियों के जरिए भाजपा अपनी ताकत दिखाते हुए दिल्ली की हवा अपने रुख में मोड़ने का प्रयास करेगी।